आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P10-0114 · भाग 10

गुरु जी, मैं जब भी कोई डिसीजन लेता हूं तो मन में हमेशा द्वंद्व चलता रहता है। आपकी तरह बिना द्वंद्व के हर डिसीजन फाइनल कैसे करूं?

देखो, ऐसा है — मान लो आप कपड़ा खरीदने जा रहे हो और जेब में एक लिमिट का पैसा है। तब दुकान में देखोगे कि भैया ऐसी क्वालिटी का दो, वैसी क्वालिटी का दो — समझौता करना पड़ेगा। और आपके पास अनलिमिटेड पैसा है, तो दुकान में जाते ही कहोगे सबसे बेस्ट क्वालिटी का आइटम दिखाओ; और यहां न हो तो कहोगे ऑर्डर देकर मंगा दो। तो भैया, सामर्थ्यवान बनो।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: 23 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-16