प्रश्नोत्तर P12-0197 · भाग 12
गुरु जी, मुझे ना कहना नहीं आता, फिर भी लोग मेरी मर्जी के बिना मुझसे काम निकलवा लेते हैं और मैं टेंशन में रहती हूं। कैसे मना करूं?
करना ही पड़ेगा ना, सीधी सी बात है। आपको दबाव-संकोच क्यों है? उस दबाव-संकोच में लगता है आपने उनसे उम्मीद बनाकर रखी है कि लोग मुझे अच्छा कहें — मान की उम्मीद है, कोई उम्मीद है, तभी तो आप दबाव-संकोच में कर रहे हो जो करना नहीं चाहतीं। इसका मतलब आपको उनसे कुछ चाहिए।
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