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प्रश्नोत्तर P13-0058 · भाग 13

हम जैसे नवयुवक अभी शुरुआत में हैं; घर वालों की इच्छा है, शादी की बात चल रही है, उसमें टकराव आ जाता है। हम परमात्मा को पाना चाहते हैं — तो शादी करें या न करें? यही कंफ्यूजन है; अगर इसे छोड़ दिया और वो न मिला तो?

शादी तो सामने है, परमात्मा कहां सामने है? घर वालों की इच्छा है, तुम्हारी नहीं है? मानव जन्म लाखों योनियों के बाद मिलता है, और यही एक ऐसी योनि है धरती पर। देख लेना, इस नाटक में किसकी जरूरत है; अगर इस नाटक में खो गए, तो 84 लाख — अच्छे-अच्छे लोग फंस गए। मैं तो बोलता हूं, कहता नहीं। कैसे भी अपना आत्मिक कल्याण कर लो, निकल लो — चाहे शादी करके, चाहे शादी न करके; लेकिन निकल लो। निकलना है, बस यह ध्यान रखना।

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वीडियो: प्रत्यक्ष ज्ञान सत्संग #योगी · 2026-07-05