प्रश्नोत्तर P13-0066 · भाग 13
निरपेक्ष होना — यह तो आखिरी में होगा ना?
नहीं, इसी के अंदर भी निरपेक्ष हो जाओ — कुछ अपेक्षा मत रखो, कार्य करते चलो। पहले अपने तरीके वाली उम्मीद का त्याग कर देना, फिर आखिरी में उम्मीद से भी छुड़ा पाओगे। क्योंकि भूख लगेगी तो भोजन तो कहीं न कहीं से मांगोगे; शरीर की जरूरतें भी तो हैं, इसमें रहना है। सीधा तो नहीं हो सकते ना; अभ्यासरत रहेंगे, तो धीरे-धीरे हो जाएंगे।
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वीडियो: कहते हैं ध्यान लगाओ ध्यान है क्या ? #योगी #ध्यान #meditation · 2026-07-01