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प्रश्नोत्तर P13-0100 · भाग 13

योगी जी, इतने दिनों से प्रोफेसर नहीं दिख रहे हैं?

प्रोफेसर को लेके क्या करोगे? जितना मतलब रखो, मुझसे रखो। यहां लोग आते हैं, चले जाते हैं; आना-जाना लगा रहता है। मैं हूं ना, काम तो मुझसे है। आज तुम हो, कल मैं हूं; कल मैं हूं, कल तुम हो — ऐसे ही लगा रहता है। तो बोलो मुझसे क्या काम है? यही तो बात है — कभी प्रोफेसर के चक्कर में तो कभी किसी के चक्कर में ऐसे ही पड़े रहते हो। काश अपने चक्कर में पड़ते! काश मुझसे मतलब रखते कि गुरु जी से कोई सवाल करूं। कोई हमारे सेवक लोगों को नहीं पूछ रहा कि अपनी मुक्ति-मोक्ष कैसे हो।

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वीडियो: 24 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-17