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प्रश्नोत्तर P14-0009 · भाग 14

गुरु जी, आजकल हर एक के पास मोबाइल है; रील देखना, टीवी-फिल्म देखना — इसमें मन बहुत सुख महसूस करता है। मगर अगर आत्मा में परमानंद है, तो मन उसे क्यों नहीं महसूस कर पाता?

इसलिए कि वो क्षणिक सुख में फंस गया है ना। पहले वो क्षणिक सुख छोड़े तब ना। छोड़ेगा तब होगा — छोड़ने के बाद होगा। रिस्क ले नहीं पा रहा है।

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वीडियो: प्रेम और आनंद में कैसे रहें ? - aadhyatmik pratyaksh gyan Yogi #livesatsang · 2025-04-20