प्रश्नोत्तर P14-0058 · भाग 14
गुरु जी, मैं बहुत बेचैन हो रहा हूं कि मैं परमात्मा को पाने के लिए कुछ कर नहीं पा रहा हूं। अपनी नजरों से दिखता है कि कहीं ना कहीं बेईमानी करते भी हैं, तो कर्म तो बिगड़ रहा है ना?
तो मत करो ना बेईमानी, उसमें परमात्मा क्या करे? बेईमानी की रचना किसने की — आपने। आप रचना कर सकते हो तो रचना मिटा भी सकते हो, छोड़ दो। और परमात्मा के लिए इतने बेचैन हो — आ जाए तो क्या करोगे? या तो कोई काम करवाओगे, या मानोगे कुछ नहीं। अगर कुछ नहीं चाहिए तो परमात्मा लेके क्या करोगे? मतलब लालच में परमात्मा चाहिए। भैया, जिंदगी अच्छी जियो, जीवन मिला है तो समझदारी से जियो, बेईमानी छोड़ दो, बस जीवंत होके जियो।
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वीडियो: इतने सरल ज्ञान को इतना रहस्यमय क्यों बना दिया गया | Why is Simple Truth made so Mysterious? in Hindi · 2026-03-06