प्रश्नोत्तर P14-0099 · भाग 14
गुरु जी, हम गृहस्थी वाले बिना भटके आपसे जो पा रहे हैं, उसके लिए आपको कोटि-कोटि प्रणाम।
आपने कुछ कर्म किया था, आपका प्रारब्ध था, आपके किए गए कर्मों से आपको मिल रहा है। अब इसका सदुपयोग करके आत्मिक कल्याण करो। ऐसा नहीं कि यह मैं दे रहा हूं — आपका ही आपको मिल रहा है, इसमें मेरा कुछ भी नहीं; मैं बस निमित्त हो गया हूं। आप इसका कैसे उपयोग करते हो, आपके ऊपर है।
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वीडियो: ईश्वर सर्वव्यापी है इसका क्या मतलब है / #ईश्वर #सर्वव्यापी · 2024-04-10