प्रश्नोत्तर P14-0136 · भाग 14
अपनी-अपनी साधना है, बड़ी कठिन है डगर पनघट की?
है ना, तभी तो उँगलियों पे लोग गिने जाते हैं। चलने वालों की गिनती आज भी नहीं हो सकती, लेकिन पहुँचने वाले उँगलियों पर गिने जाते हैं। जैसे फोन करके पूछो चाँद दिख रहा है, तो हाँ बोलेंगे क्योंकि वो एक ही है; तारे का पूछोगे तो कहेंगे कौन सा तारा। जब किसी को उपलब्धि होती है तो वो छिपाई नहीं जा सकती, जैसे चाँद आसमान में छिपाया नहीं जा सकता। तो सोच-समझ के यात्रा करो।
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वीडियो: कर्ता कौन है, अकर्ता कौन है ?| Who is the Doer ? Who is the Non-Doer ? #yogijikasatsang · 2026-05-18