प्रश्नोत्तर P14-0150 · भाग 14
कर्ता बने रहकर अकर्ता हो सकते हैं प्रभु? कृष्ण और राम ने यही किया है।
उन्होंने कर्म किए, कर्ता का भाव नहीं था। आपके घर में चार-पाँच साल की बालिका है, आप कहते हो बेटा वो सामान लाओ, तो तुरंत लाके देती है; उसको भाव ही नहीं कि मैं कर रही हूँ। आपको दिख रहा है कि वो कर रही है, लेकिन वो कर नहीं रही, आपके द्वारा कर रही है, उसका कर्ता आप हो। अगर सामान फूट जाए और आप उसे डाँटो तो लोग आपको डाँटेंगे कि उस बालिका को क्या पता। कृष्ण कहते हैं मैं बाल ब्रह्मचारी हूँ और यमुना माँ प्रमाण देती हैं; गोपियाँ कर्ता का भाव देख रही थीं, यमुना माँ प्रमाण दे रही हैं कि ये अकर्ता है, इसने कुछ नहीं किया। वो तो लीला करके निकल गए; तुम उसमें फँसे हो। सही प्रश्न ये पूछो कि जब मैं पूर्ण हूँ तो मैंने अपूर्णता को कैसे अपनाया, हमारी बुद्धि कब सही रहेगी। प्रश्नकर्ता के प्रश्न से उसकी बुद्धि का पता चल जाता है।
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वीडियो: कर्ता कौन है, अकर्ता कौन है ?| Who is the Doer ? Who is the Non-Doer ? #yogijikasatsang · 2026-05-18