प्रश्नोत्तर P15-0002 · भाग 15
कभी-कभी मुझे लगता है अध्यात्म फुर्सत में बैठे लोगों का काम है।
बात तो सही है। ये अध्यात्म उसके लिए है जो संपन्न हो — धन से नहीं, आत्मिक रूप से। अभाव और कुभाव वालों के लिए अध्यात्म नहीं है, वो इस तरफ आएँगे तो दुर्दशा हो जाएगी। इसीलिए ज्ञान मार्ग सर्वश्रेष्ठ बोला गया है और इसमें भीड़ नहीं है, क्योंकि इसमें वही आ सकता है जो बुद्धि से संपन्न हो। लेकिन आलसी नहीं कह सकते; बहुत मेहनत करनी पड़ती है। मैं सुबह से उठता हूँ, रात को डेढ़-दो बजे तक जागता हूँ; सबसे ज्यादा ऊर्जा बोलने में जाती है, सोच-समझ के बोलना पड़ता है। अथाह मेहनत है।
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वीडियो: कर्ता कौन है, अकर्ता कौन है ?| Who is the Doer ? Who is the Non-Doer ? #yogijikasatsang · 2026-05-18