प्रश्नोत्तर P15-0190 · भाग 15
ना चाहते हुए भी विचार में गड़बड़ होती रहती है। जो चीज आज तक सीखी है उसे छोड़ना चाहते हैं, पर बार-बार आदत से वही आ जाती है — जैसे स्वास पर नाम का सुमिरन मिला था, अब ध्यान में बैठता हूं तो वह अपने आप चालू हो जाता है। यह छूटेगा कैसे?
जो चीज विचार में गड़बड़ हो रही है, तुम गड़बड़ करना बंद कर दो। बाहर से ही तो फंसे हो — अंदर से फंसे हो क्या? बाहर के कर्म करके ही फंसे हो; अंदर तो कुछ है ही नहीं। स्वास तो ऑटोमेटिक चल रही है, तो क्या जरूरत थी तुम्हें स्वास पे नाम लेने की? अब छोड़ दो। परेशान क्यों हो? छोड़ना क्यों चाहते हो?
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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16