आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P16-0049 · भाग 16

गुरु जी, अब तक आपसे यही समझा कि स्वयं की शुद्धतम अवस्था ही आत्मबोध है। थोड़ा प्रकाश डालें — क्या यह समझ गलत है?

किस शुद्धतम अवस्था की बात कर रहे हैं — बाहरी की या आंतरिक की? आत्मबोध हो गया तो बातें खत्म हो गईं। जब पूरी तरह आप पवित्र हो जाते हैं, निर्विकार हो जाते हैं, उसी समय आपको आत्मबोध, आत्मज्ञान होता है। इस माने में सही है।

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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16