प्रश्नोत्तर P16-0064 · भाग 16
मैं होशपूर्ण रहता हूं — प्लीज बताएं, सही जा रहा हूं कि नहीं? ईमानदारी में होश का क्या मतलब है?
होशपूर्वक किसमें होश रखते हो — ईमानदारी में कि बेईमानी में? अगर ईमानदारी में रखते हो तो सही जा रहे हो; बेईमानी में रखते हो तो कहां जा रहे हो, पता है। ईमानदारी में ही होश रहता है; बेईमानी में होश बनाना पड़ता है। एक है होश बनाना, और एक है होश में रहना — ईमानदारी में होश में रहना होता है, और बेईमानी में होश बनाना पड़ता है, कई तरीके से प्लानिंग करते हो। तो होश में रहो, बनाओ मत। होश में रहने के बाद आप कर क्या रहे हो, मायने यह है — पता चला होश में रह के बेईमानी कर रहे हो, तो पतन होगा।
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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16