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प्रश्नोत्तर P16-0155 · भाग 16

पांच तत्वों से जो यह शरीर बना है, उठते-बैठते हम सारी चीजों का उपभोग कर रहे हैं — पानी पी रहे हैं, अग्नि से खाना बना रहे हैं। तो क्या इनका भी कोई ऋण हमारे ऊपर चढ़ रहा है? मां का दूध, गाय-भैंस का दूध — इनके बगैर हमारा जीवन नहीं चलता, तो इनका ऋण है?

यह आपको कर्म से मिला है, इसका ऋण नहीं है; ऋण तब होगा जब आप इसका दुरुपयोग करो। जैसे ट्रेन या बस में टिकट लिया, पैसा दे दिया, लेकिन बैठकर सीट फाड़ोगे और पकड़े जाओगे तो उसका ऋण लग जाएगा। ऐसे ही नहीं मिला — जितनी भी व्यवस्थाएं हैं, धन हो, तन हो, ज्ञान हो, समझने की क्षमता हो, आपके कर्म से मिली हैं; इसलिए लोग अलग-अलग घर में, बैकग्राउंड में पैदा होते हैं — किसी को खूबसूरत शरीर मिलता है, किसी को नहीं, किसी का कोई अंग नहीं है। मां के दूध का भी ऋण नहीं है, क्योंकि उस मां ने भी किसी मां का दूध पिया है — यह प्रकृति की व्यवस्था है। तरीका गलत है तो ऋण हो जाता है। अब जब मां-बाप का समय आ जाए, जरूरत आए, तब आप सेवा करो।

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वीडियो: पांच तत्वों का हमारे जीवन में महत्व / #पांच #तत्व #aadhyatmik #satsang · 2024-09-06