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प्रश्नोत्तर P17-0003 · भाग 17

(लाइव) गुरुदेव, आत्म-चिंतन में निरंतरता कैसे बनाए रखें?

पक्का कर लो क्या चाहिए, आत्म-चिंतन होने लगेगा। आत्म-चिंतन का मतलब — आत्म मतलब सबसे पीछे आत्म है, जहां हम खड़े हैं; चिंतन का मतलब होता है अपने आप को छुड़ाना है। पहले समझो कहां-कहां मैं उलझा हुआ हूं, कहां-कहां फंसा हूं, कहां-कहां यह वादा करते चला आ रहा हूं। वादा करना बंद करो। हो जाए तो ठीक है — वादा बंद करो।

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वीडियो: अब जाऊं कहां / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-02-16