प्रश्नोत्तर P17-0062 · भाग 17
गुरु जी, क्या हर व्यक्ति आत्मज्ञान और आत्मदर्शन का अधिकारी है? और संसार में रहते हुए हम अपने आप को क्यों नहीं देख पाते?
अधिकारी तो सब हैं — मनुष्य जन्म का मूल उद्देश्य ही आत्मज्ञान को पाना और ईश्वर को समझना है, इसीलिए जन्म हुआ है। लेकिन 99.999% लोग प्रकृति में और इस दुनियावी झूठ-झमेले में फंसे हुए हैं; उनके बारे में कहना बेईमानी है, अपने से मतलब रखो — वो फंसने के लिए पैदा हुए, हम निकलने के लिए। जब तक आप इसमें लिप्त रहोगे, वो दिखेगा नहीं, हमेशा पर्दा ही पड़ा रहेगा। पता तो है कि मैं अलग हूं और ये अलग है, लेकिन उसमें रहकर ना आप उसे पूरी तरह देख पाओगे ना अपने आप को। जब उससे बाहर निकल जाओगे तब वो भी दिखेगा और अपने आप को भी देख लोगे। और निकालना अपने आप को खुद ही पड़ेगा, क्योंकि फंसाने वाला मैं ही हूं — अपने प्रयास से ही निकलना पड़ेगा।
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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21