आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P17-0096 · भाग 17

गुरु जी, प्रभु से मिलने की इतनी कामना तो रखनी ही पड़ेगी ना?

ठीक है, लेकिन प्रभु की कामना के बाद उस योग्य तो बनना पड़ेगा। जैसे वस्तु की कामना करते हो तो पीछे पैसा चाहिए — पैसा है तो वस्तु ले आओगे, या फोन करोगे तो घर पर आ जाएगी; पैसा नहीं है तो जिंदगी भर दुकान के सामने खड़े रहोगे, नहीं मिलेगी। वैसे ही प्रभु चाहिए तो देख लो वह कैसे मिलेगा — पवित्र होकर। अपने आप को इतना पवित्र बना लो कि वह आपके पास आने के लिए सब काम छोड़कर आए। वह नहीं आ रहा तो अपने आप से पूछ लो — मैं पवित्र हूं या नहीं — जवाब मिल जाएगा। और पवित्र, निर्विकार होना ईमानदारी से जीवन जीते हुए सत्कर्म करके होता है — यह सबसे सीधा-सादा सिद्धांत है।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21