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प्रश्नोत्तर P17-0104 · भाग 17

गुरु जी, दुर्गा जी कौन हैं, काली जी कौन हैं? इन्हें कैसे समझें?

वे "कौन है" से परे हैं; "कौन है" में संसार आता है जो परिवर्तनशील है। इन्हें समझने के लिए "कौन है" को पार करना पड़ेगा — जानकारी तो मिल सकती है, लेकिन समझ जानकारी से अलग है। जैसे मिलावट अक्षर पढ़ने के लिए पहले क-ख सीखना पड़ता है। ब्रह्म से ही जगत है, आत्मा है, आदि शक्तियां हैं, देवी-देवता हैं — तो इन्हें तभी समझ पाओगे जब अपने आप को समझोगे, आत्मदर्शन करोगे। जिसका जन्म आपके द्वारा हुआ, अपने बच्चों तक को तो आज तक समझ नहीं पाए — कंधे पर बिठाकर पाला, क्या सोचा था कि 50 साल का होकर झूठ बोलेगा, दारू पिएगा? तो दुर्गा-काली को क्या समझोगे? आत्मदर्शन से पहले जो भी समझ रहे हो, वह सिर्फ जानकारी है। इसलिए बुद्धिमानी यही है कि मूल पर काम करो, आत्मदर्शन कर लो, सब समझ में आ जाएगा।

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वीडियो: अद्भुत सत्संग ईश्वरी कृपा एकाकार / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-21