प्रश्नोत्तर P17-0129 · भाग 17
गुरु जी, आत्मज्ञान कैसे प्राप्त करें — और अपने आप को खाली करना इतना कठिन क्यों लगता है?
जितना आपको लग रहा है कि मैंने प्राप्त किया है, वो छोड़ दो — खाली हो जाओ। आत्मज्ञान प्राप्त नहीं करना है, वो तो पहले से मौजूद है; आपको अपने आप को खाली करना है। खाली करने में बड़ी पीड़ा होती है, क्योंकि आपने बड़ी मेहनत से, चालाकी से, छीनकर, दूसरों का नीचे करके अपना बढ़ाकर उसे भरा है। जो कुछ है वो सिर्फ इस शरीर तक उपयोग करने के लिए था, पर हम उपयोगकर्ता नहीं रह पाए — मालिकपन आ गया, और उसके द्वारा हमने अपने आप को खड़ा कर लिया (पद, पढ़ाई, गाड़ी-बंगला)। इसलिए छोड़ोगे तो लगता है गिर जाओगे, मजाक बनेगा। आत्मज्ञान का मतलब है आपका अपने आप में हो जाना — जिस क्षण पूरी तरह खाली हो गए, उसी क्षण आत्मज्ञान है। समझदारी से देखो तो दुनिया में सबसे आसान आत्मज्ञान ही है — जब आप तुलना से, बड़े-छोटे से मुक्त हो जाएंगे। एक रुपया कमाना जटिल है क्योंकि वो किसी और पर निर्भर है, पर आत्मज्ञान में किसी के द्वारा की जरूरत नहीं। हमें डरा दिया गया कि ये अवतरित लोगों को होता है, जन्मों लगते हैं; हर काम का उपाय बताने वाले हैं, आत्मज्ञान का उपाय किसी के पास नहीं, क्योंकि वो उपाय आपके पास है। तुम जिसके पीछे भाग रहे हो, वही तुम हो — बस भागना बंद करो, रुक जाओ और अपने आप को खाली कर दो।
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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21