प्रश्नोत्तर P18-0071 · भाग 18
गुरु जी, क्या अगले कर्म और पिछले कर्म होते हैं? और क्या ईमानदारी और नाम जप से प्रेम में रोमांचित होने से पिछले कर्म भस्म हो जाते हैं?
पिछला कुछ तो है जो मिल रहा है, और आगे हम तैयार कर रहे हैं। अगर बेईमानी कर रहे हैं तो आगे तैयार कर रहे हैं; ईमानदारी से जी रहे हैं तो पिछला समाप्त हो रहा है; सत्कर्म कर रहे हैं तो हम निर्विकार हो रहे हैं — बस यही जिंदगी है। नाम जप और रोमांच से कर्म भस्म होते हैं, यह कुछ कहा नहीं जा सकता — मूल है ईमानदारी और सत्कर्म।
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वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03