आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0080 · भाग 18

गुरु जी, हम अपने जीवन में इतना झूठ क्यों बोलते हैं और इस आदत को कैसे बदलें? सच बोलें तो सामने वाले को कड़वा लगता है।

सच तो मीठा होता है, कड़वा तो झूठ होता है। किसी से कहिए "मैं आपसे झूठ बोल रहा हूं", तो वह तुरंत नाराज हो जाएगा; और कहिए "मैं जो कह रहा हूं वह सच है", तो वह खुश हो जाएगा। नाराजगी झूठ से होती है; सच जैसा मीठा कुछ भी नहीं। ईमानदारी में मिठास होती है — आप भी प्रसन्न रहते हो और लोग भी; बेईमानी में कड़वाहट होती है — आप भी दुखी, समाज भी दुखी।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: आत्मज्ञान किस स्थिति में होता है ? #aadhyatmik_satsang #livesatsang #yogijikasatsang #pratyakshgyan · 2025-01-03