आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0155 · भाग 18

गुरु जी, समाज का हमारे जीवन में क्या योगदान है? क्या हमें मशीन (गूगल/इंटरनेट) पर पूरी तरह निर्भर रहना चाहिए?

समाज का हमारे जीवन में बहुत सहयोग है। जिन्होंने भोजन कराया, प्यास मिटाई, रास्ता बताया — उनके नाम भी नहीं जानते; रास्ता पराया ही बताता है, वे समाज के लोग होते हैं। कितने भी पढ़े-लिखे हो, प्लेटफॉर्म पर पूछना पड़ता है ट्रेन किस नंबर पर आएगी, और साधारण आदमी ही बताता है। एक व्यक्ति को समाज से हटाकर सोने का महल दे दो तो वह भागकर झोपड़ी में आ जाएगा। एक बार इंदौर में नेट प्लेटफॉर्म 4 बता रहा था, ट्रेन 1 पर खड़ी थी — इंक्वायरी से पूछा, दौड़कर पकड़ी, नहीं तो छूट जाती। यूपी के कुछ लोग गूगल देखकर अधूरे टूटे हाईवे पर गए और सब खत्म हो गए — काश किसी आदमी से पूछ लेते। गूगल, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर आप जैसे लोग ही जानकारी डालते हैं — सही भी, गलत भी; जांचने की क्षमता आपकी होनी चाहिए। बाप का नाम गूगल नहीं, मां बताएगी। इतना मशीन पर निर्भर मत होइए। इस संसार में कोई छोटा-बड़ा नहीं, हम एक-दूसरे के पूरक हैं — सम्मान के साथ एक-दूसरे की सहायता करें और निकल लें।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: जब मैं छोटे दायरे को तोड़ा ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-12-22