प्रश्नोत्तर P19-0055 · भाग 19
गुरु जी, वर्ण व्यवस्था क्या है — ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र?
पृथ्वी के जितने जीव हैं वो बच्चों को जन्म देते समय शूद्र होते हैं — मल-मूत्र साफ करते हैं। फिर भोजन व्यवस्था — वैश्य। फिर ताकत/रक्षा — क्षत्रिय। आखिर में ज्ञान देके छोड़ती है — ब्राह्मण। हर जीव के अंदर ये चार हैं। ब्राह्मण का काम सतमार्ग बताना, क्षत्रिय की रक्षा, वैश्य व्यापार ईमानदारी से, शूद्र निष्काम सेवा। चारों वर्ण किसी और के लिए अपना लो तो महात्मा। महात्मा के पास वर्ण व्यवस्था पूछते ही नहीं — सब एक जैसे बैठते हैं।
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वीडियो: हरियाणा सोनीपत में तीन दिवसीय सत्संग का आखिरी दिन 21 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-23