आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0141 · भाग 19

गुरु जी, आप कुंभ में क्यों नहीं गए?

वहां ऐसा कोई मंच नहीं जहां जाकर सत्संग की, ज्ञान की बातें रख सकें। वहां है नाम, शोहरत, पैसा, और फिर पाप धोना। मुझे ना नाम चाहिए, ना शोहरत, ना पैसा, और ना पाप धोना है — मुझे अपना पाप भोगना है, जितना हमने किया है। इसलिए कुंभ जाने का मैंने कोई मतलब नहीं समझा। आपको लगता है कुछ ऐसी बात है तो आप जाकर आओ और अपना अनुभव बताओ।

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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19