प्रश्नोत्तर P19-0164 · भाग 19
गुरु जी, मनुष्य ऐसा क्यों सोचता है कि सब मेरा कहना मानें, कोई रोग न हो, किसी चीज का अभाव न हो?
अपने सुख के लिए, बस और कुछ नहीं। जैसे दांत दांत के लिए नहीं, स्वाद लेने और अपनी पूर्ति के लिए चाहते हैं। आप यह मत सोचना कि आप किसी और का सुख चाहते हो — यहां कोई किसी का सुख नहीं चाहता। एक माता-पिता और एक गुरु ही अपने बच्चों का सुख चाहते हैं, दुनिया में और कोई ऐसा रिश्ता नहीं।
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वीडियो: ब्रह्म जीव और माया में क्या भेद है ? #yogijikasatsang #aadhyatmik_satsang #livesatsang #gyan · 2024-12-26