प्रश्नोत्तर P19-0175 · भाग 19
गुरु जी, कुटिया का इतना साधारण जीवन आपको कष्टमय क्यों नहीं लगता?
मुझे तो वहां (लग्जरी में) रहना कष्टमय लगता है और यहां बड़ा आनंद लगता है। बंबई से एक साधक आए थे जो एक लाख के गद्दे पर सोते थे; जाते समय आंखों में आंसू लेकर बोले कि एक लाख के गद्दे पर इतनी सुकून से नहीं सोया जितना दो फुट की चटाई पर। कष्ट देखने वाले को लगता है, जो अंदर रहता है उसे नहीं।
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वीडियो: ब्रह्म जीव और माया में क्या भेद है ? #yogijikasatsang #aadhyatmik_satsang #livesatsang #gyan · 2024-12-26