प्रश्नोत्तर P2-0001 · भाग 2
गुरु जी, मुझे (कुटिया में आई) वकील दीदी बहुत अच्छी लगती हैं। क्या मैं उनसे बात कर सकती हूं?
वकील दीदी तुमसे बात करने नहीं आई हैं। कभी माई अच्छी लगती थी, कभी चाची अच्छी लगती थी — तो वकील दीदी के पास इतनी फुर्सत नहीं कि तुमसे बात करें। वकील दीदी अपने आत्मिक उद्धार, आत्मिक कल्याण के लिए आई हैं; उन्हें अपना कल्याण करने दो। अब वे ‘दीदी’ बनकर नहीं जिएंगी, आत्मज्ञानी, ब्रह्मज्ञानी बनेंगी। जहां वे दीदी थीं, वह छोड़कर आई हैं। और तुम जिसे-जिसे दीदी बनाती हो, उसका परिणाम क्या होता है? ज्यादा दीदी मत बनाओ; जगह-जगह दीदी बनाकर हालत खराब कर ली है। अपना उद्धार कर लो। ज्यादा दीदी के चक्कर में मत पड़ो, अपने चक्कर में पड़ो।
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वीडियो: 17 रात अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट#योगी · 2026-10-11