प्रश्नोत्तर P2-0031 · भाग 2
पूर्ण बोध के समय भीतर क्या स्थिति रहती है?
बस ‘कुछ नहीं चाहिए’ में आ जाता है — न राग, न द्वेष, न मोह, न आसक्ति, न इच्छा, न अपेक्षा, न ईमानदार, न बेईमान, न खोज — कुछ भी नहीं।
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