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प्रश्नोत्तर P2-0107 · भाग 2

प्रणाम। सत्य क्या है? उस स्थिति का स्वरूप क्या है जो रूप से भिन्न, ‘क्या है’ से भी परे है?

‘क्या है’ से मुक्त हो जाओ — क्यों है, क्या है, लेकिन, किंतु, परंतु। राग, द्वेष, मोह, आसक्ति, इच्छा, अपेक्षा, ‘मेरा’, कर्ता — इनसे मुक्त होने के बाद पता चलेगा, सत्य का आभास होगा, तब आप सत्य महसूस कर पाओगे। पहले आप इससे निकलो — आप जहां हो, वहां से पहले हटो।

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वीडियो: अपनों की कुटिया के दृश्य सत्संग क्रोध #योगी · 2026-04-18