प्रश्नोत्तर P2-0176 · भाग 2
जैसे जया बहन कह रही हैं कि मैं यहां फंसी पड़ी हूं, निकल नहीं पा रही — (इस पर क्या कहेंगे)?
फंसी नहीं है — यही मैं कहना चाहता हूं। उसने अपने आप को खुद फंसाकर रखा है। वह अपना काम कर रही है, अपनी जिंदगी जी रही है।
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वीडियो: मेरे भाव को तू योगी ही समझ सकता है । #योगी · 2026-01-20