प्रश्नोत्तर P21-0014 · भाग 21
परमात्मा से आत्मा के अलग होने से लेकर वापस जाने तक की पूरी यात्रा क्या है?
ध्यान से समझो — परमात्मा से आत्मा अलग हुई और इस पिंड में आई; पिंड में आई तो ज्ञान में ही होगी, लेकिन कुछ इच्छा रखकर आई — उसकी बनाई हुई दुनिया को देखने की; पिंड में आने की उसे जरूरत नहीं थी, धारण किया तो जरूर कुछ देखना था। पहले वह जरूरत में जी, बाद में इच्छा-अपेक्षा में जीवात्मा हो गई — जैसे पानी से बर्फ हो गया। अब इच्छा-अपेक्षा से मुक्त कराए तो वह स्व में, आत्म में आएगी, और फिर आत्मा परमात्मा की यात्रा करेगी; जीव परमात्मा की यात्रा नहीं कर सकता, इतनी क्षमता उसमें नहीं है। बनाने वाले का ज्ञान तब होगा जब स्व इच्छा-अपेक्षा छोड़कर आत्म तत्व में स्थिर होगा — तब शुरुआत होगी। ऐसे आया है, ऐसे ही छुड़ाकर वापस जाना है — यही यात्रा है, और कोई रास्ता नहीं।
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वीडियो: इच्छा अपेक्षा क्या है?इससे कैसे मुक्त होते है?(Freedom from Desire & Expectation) Explained in Hindi · 2026-03-07