प्रश्नोत्तर P3-0014 · भाग 3
संशय भरे जीवन में ‘चमड़ी जाए दमड़ी न जाए’ — दमड़ी बचाकर रखी, उसी से घुटन। क्या करें?
दमड़ी से ही घुटन है। अलग तरीके से कमाया है इसलिए घुटन दे रही है। लक्ष्य पे पहुंचना है तो ताकत भी बचा लो — धोखा न हो जाए। संशय भरे जीवन में पड़े हो।
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वीडियो: मेरी समझ कैसे पक्का करूं ? #योगी · 2026-01-08