प्रश्नोत्तर P3-0021 · भाग 3
अपने आप में होने की यात्रा में अटैचमेंट याद आकर सताने लगा — पहले नहीं सताता था। विचारों में दुख, उपलब्धि के बाद भी विचार रहेंगे क्या?
विचार उपलब्धि के बाद भी रहेंगे — भूख का विचार न आए तो सामने वाला भोजन कैसे मांगे? विचारों में दुख नहीं होगा; विचार होंगे लेकिन लिप्तता नहीं। अभी विचारों में लिप्त हो जाते हो — अटैचमेंट। जैसे-जैसे अपने आप में होने की यात्रा, अटैचमेंट याद आकर सताएगा। छूट रहा है — छूटने का अपार दुख-पीड़ा। पहले इसलिए नहीं सता रहा था कि अपने आप में आ नहीं पा रहे थे, समझने में बाहर थे। अब अपने में होना चाहते हो तो अटैचमेंट तुरंत याद — फिर लिप्त। यात्रा हो रही है। अटैचमेंट मत ढूंढो; अपने आप में होने के लिए काम करो — अटैचमेंट पता चल जाएगा।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: कृपा किसको, किस पर करनी है ? #योगीजी_का_सत्संग · 2026-01-03