प्रश्नोत्तर P3-0124 · भाग 3
(उसी प्रसंग में) यहां आपके हाथ का काढ़ा भी पिया, सब्जी भी खाई — आपका यहां भाव क्या है?
बस ऐसे ही — प्यार है, मोहब्बत है, यहां और कुछ नहीं है। मेरा तो भाव बस इतना है — जब से मैं समझने लायक हुआ, बस इसमें जिया। प्यार से इतना प्यार कर लो कि किसी और से प्यार करने के लायक न रहो। हमारे पास वही तो है — एक प्यार, और कुछ भी नहीं।
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