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प्रश्नोत्तर P3-0133 · भाग 3

गुरु जी, जरूरत में शादी भी की, बच्चे भी पैदा किए, लेकिन अब सत्कर्म और ईमान के मार्ग पर चल रहे हैं। हम सबको साथ लेकर चलने की पूरी भावना रखते हैं, लेकिन सामने वाला चलने को ही तैयार नहीं — वह कहता है हम तो लिप्त हैं। तब क्या करें?

कोई बात नहीं, आप तो चलो — बस खत्म। आते रहो, जाते रहो, ऐसे ही।

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वीडियो: मां नर्मदा के किनारे सत्संग _ सतगुरु क्या होता है ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-02-01