प्रश्नोत्तर P3-0173 · भाग 3
(लाइव) गुरुदेव नमन। मैं होली के दिन ही आपसे मिला था और तीन दिन के बाद ईमानदारी, सत्कर्म और जरूरत में जीने का गुरु मंत्र लेकर वापस चला। अब घर पर ही आपका सत्संग देखता हूं और इस मार्ग पर चलने की कोशिश करता हूं।
कोशिश क्यों कर रहे हो? चल देना चाहिए। देखिए, कोशिश में ही जिंदगी ना चली जाए। कोशिश क्यों करते हो? चलो। कोशिश ही मत करते रहो भाई। जैसे रास्ता मिल गया, फिर भी आप कह रहे हो कि नहीं, मैं कोशिश कर रहा हूं — अभी मैं उस रास्ते पर चला नहीं हूं, कोशिश कर रहा हूं। इसका मतलब आप चल नहीं पा रहे हो। तो मेरा कहना है — कोशिश मत (करो, चलो)।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01