प्रश्नोत्तर P3-0177 · भाग 3
(कुटिया में, तीसरी बार आए साधक) यहां के सिवा वहां कुछ नहीं है; मजबूरी में घर जा रहा हूं क्योंकि परिवार है, लड़का 12 साल का है — आपने बताया कि बच्चों की शादी तक जवाबदारी निभानी है। पर वहां अपने जैसे लोग और माहौल नहीं मिलता, जाने में बहुत तकलीफ होती है; यह मजबूरी बिल्कुल अच्छी नहीं लगती, वहां के लोगों के साथ रहने में बहुत दिक्कत होती है।
उसे मजबूरी ना समझो, उसे जिम्मेदारी समझो, और उसे ईमानदारी से हंसते हुए निभा दो। (वहां के लोगों के साथ दिक्कत) वो तो होने वाली ही है।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01