प्रश्नोत्तर P4-0018 · भाग 4
(कुटिया में साधक) भगवान, हम तो आपसे (इतना) ले रहे हैं — हम आपके लायक थोड़ी हैं; क्या यह भी योग्यता से ज्यादा लेना नहीं हुआ?
नहीं-नहीं, ये ज्ञान आप लिए हो, वहां से अपने आप को छुड़ाना चाहते हो। लायक हो, तभी तो बैठे हो। ज्ञान का अधिकारी तो हर व्यक्ति है। बात यहां वस्तुओं की है, आवरण की है, व्यावहारिक जगत की है। ज्ञान का कभी बोझ होता है क्या? देखो ना, कोई रास्ता दिखाता है, तो क्या उसका एहसान होता है? क्या हम उस आदमी से दब के बोलते हैं? क्योंकि हमने भी अनेकों को (रास्ता) बताया है — ये हमारा-आपका काम ही है। ज्ञान का कोई बोझ नहीं होता; ज्ञान सारे बोझों से मुक्त करता है।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01