प्रश्नोत्तर P4-0030 · भाग 4
(लाइव) प्रणाम योगी जी। आप हर सांसारिक शब्द (जैसे इच्छा) की नई परिभाषा बता रहे हैं, जिससे संशय होता है कि जब आप सांसारिक शब्द इस्तेमाल करते हो, तो उसे सांसारिक अर्थ के रूप में लेना है या आप उससे भिन्न (अर्थ) बोल रहे हो। कैसे पता करें?
(सांसारिक शब्दों का) उपयोग इसलिए करते हैं कि आप उन शब्दों में फंसे हो — आपके लिए करना पड़ रहा है। अगर हम उन शब्दों का उपयोग ना करें, कोई नया शब्द लाएं, तो आप समझ ही नहीं पाओगे। अगर हमें इस (पेड़) के बारे में बताना है, तो मुझे बरगद (शब्द) का ही उपयोग करना पड़ेगा, क्योंकि आपको बरगद के ही रूप में इसे बताया गया है। और अगर इसका नाम मैं कुछ और रख दूं, तो आप थोड़ी समझोगे; मैं तो हो सकता है समझ जाऊं, क्योंकि मैंने इसका नाम ये रखा — अब मुझे कहीं दिखेगा तो मैं (अकेला) समझ जाऊंगा। तो हमें उन शब्दों का उपयोग इसलिए करना पड़ रहा है कि आप उन शब्दों के द्वारा ही उसे जानते हो; तो हमें उन शब्दों के द्वारा ही आपको बताना पड़ेगा ना।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 1 मार्च 2026 #योगी · 2026-03-01