प्रश्नोत्तर P4-0097 · भाग 4
(लाइव) प्रणाम गुरु जी। कोशिश करने पर भी राग-द्वेष से निकल नहीं पा रही हूं। क्या करूं?
नहीं, कोशिश गलत तरीके से कर रहे हो। अब मैं कहूं कि मैं कोई वजन उठा रहा हूं लेकिन उठा नहीं पा रहा हूं — इसका मतलब आप में बल नहीं है। सीधी सी बात। नहीं तो वो एक ही बार में उठ जाता। तो आप कहीं से बल लो। हो सकता है कोई हाथ लगाए, और आपका हाथ उसका हाथ मिल के उठा दे। कहने का मतलब — आप नहीं छुड़ा पा रहे हो, मतलब आप में बल कम है, तो ज्यादा प्रयास मत करो। किसी जीवंत गुरु की शरण में जाओ। वो आपको बल देगा, तरीका देगा, और आप अपने आप को छुड़ा लोगे।
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वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25