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प्रश्नोत्तर P4-0127 · भाग 4

(लाइव) प्रणाम योगी जी। इष्ट का स्मरण, भजन-कीर्तन करना क्या सत्कर्म है या नहीं?

नहीं, सत्कर्म तो नहीं है। ये आप अपने लिए कर रहे हो कि समाज के लिए कर रहे हो? अगर आप सार्वजनिक कर रहे हो तो मनोरंजन है; आप कमरे में कर रहे हो तो भक्ति है। अब उसमें मांग क्या है, वो देखना है। लेकिन सत्कर्म नहीं है।

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वीडियो: 25 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी#योगी · 2026-01-25