प्रश्नोत्तर P4-0177 · भाग 4
(वही साधिका) जो लोग इतना पास रहकर, गुरु के हाथ से भोजन पाकर भी इतना बड़ा विश्वासघात करते हैं, उनका क्या होगा? और समाज के जो लोग (सच्चाई न जानकर) उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं?
₹100 का तो मैं मंजन मंगाता था उन लोगों के लिए; चप्पल तक मंगा के दिया हूं — जब यहां से गया, तो आश्रम की चप्पल पहन के गया, लास्ट के दिन भी आश्रम की चप्पल यूज़ करके गया।
जितने लोग सपोर्ट कर रहे हैं, वो भी भोगेंगे। गलत को सपोर्ट कर रहे हो ना — पता होते हुए भी। आप अगर एक चोर को सपोर्ट करोगे, तो जितने लोग सपोर्ट करेंगे, सब पकड़े जाएंगे, जिस दिन चोर पकड़ा जाएगा। अब ऐसे लोगों का क्या होगा? और जब ऐसे लोग दुर्गति में जाएंगे, तो कुछ लोग कहते हैं — अरे यार, ये भोग रहे हैं, इन्हें बचाओ। अरे, उसने किया क्या है, उसके पीछे जरा वो देखो! (जो) उनकी हेल्प करेगा ना, वो उसी को डसेगा — इस समय वो ऐसे हैं — हेल्प करने वाले को डसने दो; ये पीछे कितना गंदा करके आए हैं। तो भैया, इनमें फंसो ही मत। अपने-अपने कर्म (हैं) — निकल लो। अपने-अपने कर्म भोग रहे हैं; जिसने जैसा किया, वो वैसी जगह (जाएगा)।
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वीडियो: आखिर मेरा कल्याण कैसे हो ?#योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-30