प्रश्नोत्तर P5-0005 · भाग 5
(कुटिया में एक युवक) आपने कहा था कि शादी जरूरत हो तो करो — मैं खुद को चेक कर रहा हूं। हर एक महीने या 40 दिन में एक बार काम-वासना बहुत तंग करती है, बाकी 39 दिन कुछ नहीं रहता। इसका मतलब मुझे जरूरत है या नहीं, कैसे समझूं? और उससे मुक्त होने के लिए कोई गलत रास्ता न चुन लूं, इसकी जानकारी कैसे हो?
ये आपको ही समझना है। जैसे जीवन में दो (चीजें) सबसे जरूरी हैं — एक भोजन, एक सांस। सांस अपने आप आ-जा रहा है; एक जरूरत हमें पूरी करनी है ईमानदारी से — भोजन। अब यह आपको जरूरत है या नहीं — हो सकता है 40 दिन में एक ही बार आता है, और एक बार आप उससे मुक्त करा लो एक दिन अपने आप को, कि 40 दिन में एक ही बार आ रहा है — वो देख पाओ तो देख पाओ, वो आप ही के ऊपर है। (ये आगे 15 दिन में हो सकता है —) वो हर घंटे में (भी) हो सकता है। वो आप देख लो, वो आपको देखना है। मेरा सलाह देना भी ठीक नहीं है — वो पर्सनल चॉइस है; मैं आपको सलाह नहीं दे सकता, ये व्यक्तिगत विषय है। देखो ना, आपको जरूरत है या नहीं। अगर (जरूरत) बता रहे हैं कि है, तो कर लो ना — आध्यात्मिक यात्रा में बाधा थोड़ी ना है; अध्यात्म से उसका कोई लेना-देना नहीं। (गलत रास्ता चुन लिया तो?) सुनिए — जीवन में जब भी आप कुछ करते हो, तो अंतरात्मा से जवाब मिल ही जाता है कि आप गलत कर रहे हो कि सही कर रहे हो, मिल ही जाता है। (मिलते वक्त देर हो गई तो?) कोई बात नहीं, भोग लो। (वैसे) कर्म से पहले ही मिल जाता है; और नहीं मिला, तो आप मंदबुद्धि या पागल हो — और मंदबुद्धि-पागल को सजा नहीं दी जाती।
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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17