प्रश्नोत्तर P5-0018 · भाग 5
(कुटिया में बालक, जिन्हें पहले भगाया गया था) आपको तो आना मना था, आपने भगा दिया था — फिर आए क्यों? और उस दिन रात को माँ के साथ क्यों चले गए?
कमी तुम में थी। माँ अकेले रात में चले जाते तो सो नहीं पाते — ये कारण बताया। हम जीवन लगा दिए आप लोगों के लिए; भगाने के लिए नहीं। तुम्हारा कल्याण हो जाए — लेकिन रात को बारह बजे के बाद चले गए। उनकी बहुत गलतियाँ थीं; एक थोड़ी नहीं थी। हमने बोला भी था — महिला हो, सुबह जाना। वो रात को चली गई। अहंकार बड़ा सूक्ष्म होता है — कहाँ आड़े हाथ आ जाएगा। आप अस्तर उठाने आए हो; मेरे सामने ही अस्तर गिरेगा तो मैं कैसे बर्दाश्त कर पाऊँगा। मैंने सुबह जाना बोला। जाने में कष्ट होता है — रात को माता-बेटा जा रहे हों तो रोक भी रहा हूँ। यहाँ दरवाजा पूरी तरह खुला है; लेकिन जब जाते हो तो सामने वाले को भी समझो — उसके ऊपर क्या बीती होगी। मैं किसी को नहीं भगाता; तुम ही भागते हो। टेस्ट भी होता है — जिज्ञासा है कि नहीं, तड़प है कि नहीं, व्याकुलता है कि नहीं; या बस ऐसे ही आए थे। नियम टूटने में नहीं भगाते — एक बार बोले, दो बार बोले; लेकिन जब देख रहे हैं कि समझ के कर रहे हो, जानबूझकर, तो वो गलती नहीं — अपराध हो जाता है।
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वीडियो: अगर भक्त न हो तो भगवान का क्या होगा ? क्या भगवान भक्त पर निर्भर हैं ? #bhakt #bhagvan · 2025-07-17