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प्रश्नोत्तर P5-0104 · भाग 5

सरकारी राशन लेकर जरूरतमंदों को बांटना सही है क्या?

आप अगर बीस रुपये किलो वाला लेकर चार रुपये वाला खा रहे हो, और एक रुपये वाला बांट रहे हो, तो यह सत्कर्म नहीं है। आप एक रुपये वाला खाकर बीस रुपये किलो वाला बांटो। हां, हजार करोड़ रुपये बेईमानी से कमा लिया। कमाने के बाद समझ में आया, मैंने जो भी किया है गलत करके पूरा कमाया है। अभी वह सत्कर्म में लगाना है। सत्कर्म में लगाए तो उसका थोड़ा-थोड़ा तो असर पड़ेगा। अगर पूरी तरह बेईमानी छोड़ के, समर्पण करके लगा रहा है, कुछ असर पड़ेगा। लेकिन भोगना पड़ेगा, तो ठीक है। लोग देने के लिए तैयार हैं, तो नहीं। मैं तो सीधा मना कर देता हूं। मुझे नहीं चाहिए। मुझे नहीं चाहिए। कहीं भी दे दो। कहीं भी दो। हमसे क्या मतलब। बहुत सारी चीज है, दो। हमें नहीं चाहिए। और पहली बात, आप राशन का बोल रहे हो, कि राशन का हम लेकर और किसी को बांट देते हैं। पहली बात तो, जब आपकी वह स्थिति है ही नहीं, तो आपको राशन लेना ही नहीं चाहिए। लेना ही बेईमानी है। क्योंकि अगर सरकार किसी को राशन दे रही है, तो जरूरतमंद को दे रही है। और अगर आप लेकर किसी और को दे रहे हो, तो आप तो सीधा बेईमानी कर रहे हो। बेईमानी है।

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वीडियो: अपनों की कुटिया में रहने के नियम साधक के लिए सबसे जरूरी बात क्या है ? · 2024-12-31