प्रश्नोत्तर P6-0068 · भाग 6
आप कहते हैं कि जानते-जानते यह जानना है कि जानने को कुछ भी नहीं है। इस वाक्य का रहस्य क्या है? इसका सही अर्थ बताएं।
यह तो जानते-जानते पता चलेगा। जब आप जानने का प्रयास कर रहे हो, तो उस प्रयास में जान भी रहे हो। जानने में देखो कि इसमें है क्या। मुझे क्या मिल रहा है। तब आप उससे छूट जाओगे। आप देखो, आप कुछ भी जानना चाहते हो। क्यों जानना चाहते हो? और वह जानकर क्या होगा? तो जानते-जानते यह जानना है कि जानने के लिए कुछ नहीं है। तब यह जानते-जानते ही जान पाओगे।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 24 मई 2026 #योगी · 2026-05-24