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प्रश्नोत्तर P7-0101 · भाग 7

बच्चों और बहुओं में तालमेल और शांति के लिए क्या करना चाहिए? बहू कह चुकी है कि पापा जी, इंदौर प्रोग्राम में जाने दो। घर में अभी फंक्शन भी है।

कैसे समझ आए? यही सत्संग सुनाओ। या दोनों को कुछ दिन यहां रखो। बच्चा तो सुनता है। बहू भी सुनती होगी। बहू ने कहा भी था कि पापा जी, इंदौर जाने दो। जब प्रोग्राम में जाओ, उसको भी ले जाओ, और उस दिन रुको। जरा समय दो। आप रिटायर हो गए। अब ऐसी जगह रुकना चाहिए। अभी घर में फंक्शन है, तो जब खाली हो, जब लगे, तब चले आना। कुछ दिन रुकोगे तो आपको अच्छा लगेगा। समझ में आएगा, जब बच्चों से दूर रहोगे और एकांत में रहोगे। यहां रह के भी आपस में दोनों बात नहीं करोगे। जब एक दो हफ्ता कटेगा, तब बहुत कुछ समझ में आएगा। कितनी आसक्ति है, कितना मोह है, कितना बंधन है, कितनी तड़प है। तब यह सब समझ में आएगा। एकांत में रहना चाहिए। आप लोग रिटायर हो, आपको तो रहना चाहिए। समय मिले तो एकांत में रहो। एकांत में रहने से बहुत बारीक बातें समझ में आती हैं, जो साथ रहने में नहीं आतीं। बारीक से बारीक बात समझ में आएगी। इस अवस्था में यह जरूरी है। एकदम जरूरी है। एकांतवास में रहिए। अपने आप को समझने के लिए, और लोगों को समझने के लिए। कभी भी आइए।

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वीडियो: भाग्य कौन तय करता हैं प्रारब्ध या कर्म ? Aadhyatmik Pratyasth Gyan Yogi · 2025-07-03