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प्रश्नोत्तर P7-0129 · भाग 7

गुरु जी, हमने यहाँ दस एकड़ खेती वाली जमीन कर लीजिए। उसमें हम हर साल चालीस से पचास लाख कमा सकते हैं, आश्रम के लिए। और साधकों को प्रकृति से जोड़कर काम करने को भी मिलेगा।

आश्रम के पास बहुत पैसे हैं, क्योंकि आश्रम के जितने लोग लाभ ले रहे हैं, उतने लोग सहयोग देते हैं। आश्रम के पास वैसे भी कोई कमी नहीं है। आप बस, जो आप कर सकते हो, पर्सनली करो, और इसके बाद आप अपना कल्याण करो। आपका कल्याण जिस में हो, वो काम करो। क्योंकि आश्रम सिर्फ यही काम करेगा। आश्रम का खुद का नियम है। खुद की पूरी प्लानिंग है। पूरा, कि कैसे क्या करना है। यह शरीर छोड़ने के पहले क्या करके तुझे जाना है। सत्य के खोजियों के लिए पूरी प्लानिंग है। तो यह आश्रम किसी बाहरी व्यक्ति की एक भी प्लानिंग स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि यह पूर्णता लेकर आया है। यह पूर्णता लेकर आया है। तो आप सिर्फ इसका लाभ ले लो। और लाभ ले रहे हो, तो इसे धन से पर्सनली जो सहयोग दे सकते हो, वह दो। बस इतना करो। यह पूरी प्लानिंग है, कि मुक्ति के लिए, सत्य के खोजियों के लिए यह मार्ग है, और क्या व्यवस्था दी जाएगी। क्या व्यवस्था करके मुझे जाना है, कि यहाँ रहने वाले, आने वाले, हजारों जिज्ञासु आने वाले हैं। यह मैं बोलता हूँ आप लोगों से। लाखों, करोड़ों लोग इस मार्ग से मुक्ति पाएँगे। तो यह पूरी प्लानिंग है। क्या करके मुझे जाना है, कि सत्य के खोजियों को, यहाँ के जिज्ञासुओं को, यहाँ के साधकों को, कभी किसी के अधीन नहीं रहना पड़ेगा।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 5 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-05