प्रश्नोत्तर P8-0054 · भाग 8
अहम क्या है, और यह क्यों आता है? क्या हमारे जीवन में इसकी कोई जरूरत है?
नहीं, जरूरत नहीं है। अहम तब आता है जब आप किसी को नीचा दिखाना चाहते हो, कि मैं कुछ हूं और वह तुमसे कम है, और जब आप इस बात को सिद्ध करना चाहते हो जबकि आप वह नहीं रहते। अगर आप सच में वह हो, तब तो अहम नहीं आएगा, क्योंकि सामने वाले को आप सिखाने के लिए बात करोगे। अहम तब आता है जब आप नहीं हो, और सिद्ध करना चाहते हो कि मैं यह हूं। तब उसमें अहम भाव आता है, और सामने वाले को नीचा दिखाना चाहते हो।
तो अहम भाव तभी आता है जब आप योग्य नहीं रहते, और आप अपने आप को योग्य बताते हो कि देखो मैं यह हूं। जब सामने वाला नहीं मानता, तो उसमें अहम भाव आता है, और वह अहंकार का रूप ले लेता है, और इससे आपका पतन होता है। इसलिए आप जो हैं सो हैं। अपना काम करिए और आगे बढ़िए। न तो खुद नीचे आइए, न तो किसी को नीचा दिखाने का प्रयास करिए। न तो आप छोटा बनिए, न बड़ा बनिए। सिर्फ अपना काम करिए, ईमानदारी से, सत्कर्म से। बस अहम भाव काम ही नहीं करेगा।
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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 26 अप्रैल 2026 #योगी · 2026-04-26